क्या पानी जिन्दा है? जानिये पानी का सच

क्या पानी जिन्दा है?

क्या पानी जिन्दा है? जल पृथ्वी पर मौजूस एक अनमोल खजाना है जो कि हर जगह मौजूद है ! पानी की पृथ्वी जैसे दुर्लभ ग्रह पर एक अहम भूमिका है ! ये बात तो हम बचपन से ही सुनते आ रहे हैं कि जल ही जीवन है ! पृथ्वी पर मौजूद लगभग हर एक सजीव यानी लिविंग थिंग में पानी मौजूद होता है ! लेकिन सवाल ये है कि जीवन के लिए उत्तर दाई क्या पानी जिन्दा है? क्या जल एक लिविंग थिंग है? आइये जानते हैं !

अगर विज्ञान की मानें तो पानी एक निर्जिव यानी नॉनलीविंग थिंग है जो कि केवल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के कॉम्बिनेशन से बना है ! लेकिन ये साधारण सा दिखने वाला निर्जीव पानी पृथ्वी पर जीवन के लिए उत्तर दाई है ! जापान के रिसर्चर मसारु इमोटो ने जब पानी के ऊपर परीक्षण किया तो उस एक्सपेरिमेंट का नतीजा चौकाने वाला था ! मसारु इमोटो के उस परीक्षण से ये निष्कर्ष निकल रहा था कि पानी एक निर्जीव नहीं है ! पानी भी अपने आस पास के माहोल के हिसाब के अपनी प्रतिक्रिया देता है ! आइये पहले ये जान लेते हैं कि मसारु इमोटो का एक्सपेरिमेंट आखिर क्या था?

क्या पानी जिन्दा है मसारु इमोटो के अनुसार

दरअसल मसारु इमोटो ने पानी के क्रिस्टल बनाये थे ! जब उन्होंने पानी का एक पॉजिटिव माहौल में परीक्षण किया तो माइक्रोस्कोप से जब पानी के क्रिस्टल्स को देखा गया तो क्रिस्टल्स काफी सुन्दर थे ! लेकिन जैसे ही पानी का एनवायरनमेंट पॉजिटिव से नेगेटिव किया तो बनने वाले क्रिस्टल काफी भद्दे थे ! जब पानी को अच्छा म्यूजिक सुनाया गया, अच्छे-अच्छे शब्द बोले गये तो बनने वाले क्रिस्टल आकर्षित और बेहद सुन्दर थे ! लेकिन जब पानी को बुरे शब्द सुनाये गये तब बनने वाले क्रिस्टल भद्दे थे !

एक्सपेरिमेंट के अगले लेवल पर इमोटो ने जब अपने दिमाग को पॉजिटिव चीजों की ओर एकाग्र करते हुए जब स्किटल बनाये तो क्रिस्टल सुन्दर थे और जब नेगेटिव सोच के साथ क्रिस्टल बनाये तो क्रिस्टल भद्दे थे ! इमोटो का ये एक्सपेरिमेंट मात्र एक संयोग भी हो सकता था ! लेकिन इमोटो ने पानी पर ये एक्सपेरिमेंट तीन बार किया और तीनों ही बार एक जैसा रिजल्ट आया !

विज्ञान कहता है कि अगर किसी भी घटना के तीन बार घटित होने पर रिजल्ट एक जैसा आता है तो वो एक संयोग नहीं होता बल्कि उसके पीछे कोई ना कोई वैज्ञानिक कारण छिपा होता है ! अगर इमोटो का ये एक्सपेरलमेंट पानी की प्रतिक्रिया के ऊपर बिलकुल सही है ! तो क्या इसका प्रभाव हमारी वास्तविक जिंदगी में भी पड़ता है?

शायद हाँ ऐसा हो सकता है कि पानी हमारे वास्तविक जीवन पर प्रभाव डालता है ! क्योंकि हमारी बॉडी का लगभग 60% हिस्सा पानी है ! शायद इसी वजह से जब भी हम किसी पॉजिटिव माहौल में जाते हैं ! तो हमारे अंदर अचानक ही एक नई ऊर्जा उत्पन्न हो जाती है ! या जब भी हम पॉजिटिव या मोटिवेशनल बाते सुनते हैं ! उस समय भी हम अपने शरीर में एक नई ऊर्जा को महसूस करते हैं ! वहीं इसके विपरीत अगर हम नेगेटिव माहौल या नेगेटिव बातों को सुनें तो हम अपने आपको ऊर्जा विहीन यानी हथास महसूस करते हैं !

तो अब से आप एक बात ध्यान रखिये, हमेशा पॉजिटिव रहिये पॉजिटिव सोचिये और पॉजिटिव ही माहौल बनाइये और अपने सपनों को पूरा कीजिये क्योंकि हो सकता है कि आपकी पाजिटिविटी दूसरों के अंदर एक नई ऊर्जा को भर दे !

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