गीजा के पिरामिड का रहस्य

गीजा के पिरामिड का रहस्य सामने आया Power Plant थ्योरी के रूप में

गीजा के पिरामिड का रहस्य आखिर क्या है?

दुनिया भर में सबसे रहस्यमई कोई चीज है तो वो है गीजा के पिरामिड का रहस्य जिनका रहस्य अभी तक अनसुलझा है ! अभी तक तो ना ये पता चला है कि इन पिरामिड्स को बनाने का मक्सद क्या था? और ना ही ये पता चला है कि ये पिरामिड्स कैसे बने थे? कुछ लोग मानते हैं कि पिरामिड्स को बनाने का मक्सद मिश्र के राजाओं की ममियों को संरक्षित करना था ! तो कुछ लोग मानते हैं कि पिरामिड्स को एलियंस ने कुछ ख़ास मकसद के लिए बनाया था !

खैर, गीजा के पिरामिड का रहस्य से पर्दा अभी तक कोई भी नहीं उठा पाया है ! वर्षों से लोग पिरामिड्स के ऊपर अलग-अलग थ्योरी देते रहे हैं ! लेकिन पिरामिड्स का सत्य क्या है? ये अभी भी एक रहस्य है ! हाल ही में पिरामिड्स पर की गई शोध में वैज्ञानिकों ने एक थ्योरी दी है कि पिरामिड्स को क्यों बनाया गया था ! पिरामिड्स के अंदर पाये गये सैम्पल्स पर ये थ्योरी सटीक लगती है ! और ये थ्योरी काफी हद तक गीजा के पिरामिड का रहस्य से पर्दा उठती है ! और पिरामिड्स के सही कारण को बताती है !

गीजा के पिरामिड का रहस्य से पर्दा उठाने से पहले हमें अपनी आज की टेक्नोलॉजी को समझना होगा ! और जानना होगा कि हम आज ज्यादा विकसित हैं या पहले ज्यादा विकसित थे?

आज कल हमारे घरों में ज्यादातर उपकरण इलेक्ट्रिसिटी से चलने वाले हैं ! और इसका श्रेय जाता है थॉमस अल्वा एडिसन और निकोला टेस्ला को ! आज हम जिस इलेक्ट्रिसिटी को उपयोग कर रहे हैं ! वो तार के द्वारा हमारे घरों में इधर-उधर फैली है ! निकोला टेस्ला इसी इलेक्ट्रिसिटी को वायरलेस करना चाहते थे ! इस लिए टेस्ला ने अपने एक्सपेरिमेंट को अंजाम देने के लिए एक टावर भी बनवाया लेकिन कुछ कारणों के चलते वो अपने एक्सपेरिमेंट को अंजाम नहीं दे पायें ! सोचो अगर निकला टेस्ला का वो एक्सपेरिमेंट सफल हो जाता तो आज हम बिना वायर के इलेक्ट्रिसिटी उपयोग कर रहे होते !

गीजा के पिरामिड का रहस्य

खैर अब गीजा के पिरामिड का रहस्य को देखते हैं ! पिरामिड्स में ग़िज़ा का ग्रेट पिरामिड अपने आप में एक रहस्य है ! ग्रेट पिरामिड्स ऑफ़ ग़िज़ा को ग्रेट इसलिए बोला जाता है क्योंकि ये संरचना 2 मिलियन स्टोन ब्लॉक से मिलकर बानी है जिनमे प्रत्येक ब्लॉक का वजन लगभग 3 से 30 टन तक है ! जिनमे सबसे बढ़े ब्लॉक का वजन 50 टन है ! इस पिरामिड का बेस 5,92,000 वर्ग फ़ीट है ! और इसकी प्रत्येक सिरा 2,18,000 वर्ग फ़ीट में फैली हैं ! पिरामिड की बाहरी सतह 144,000 पॉलिशड केसिंग स्टोन्स से बनी है जो की लगभग 8 फ़ीट मोटे हैं ! विशेषज्ञों का मानना है कि इस पिरामिड को बनाने में अगर 2000 मजदूरों ने प्रत्येक दिन लगातार काम किया होगा तब जाके पिरामिड 20 साल में बन पाया होगा ! अब आपको क्या लगता है कि इतना टाइम, एफ्फोर्ड और मन पॉवर का इस्तेमाल सिर्फ ममी को संरक्षित करने के लिए कब्र बनाने के लिए किया गया था?

पावर प्लांट सिध्दांत के रूप में सामने आया गीजा के पिरामिड का रहस्य

खैर, पिरामिड पर की गई शोध से इसको बनाने का सही कारण सामने आया और वो कारण था इलेक्ट्रिक पावर प्लांट थ्योरी ! जी हां, ये सुनने में थोड़ा अच्छा भी लगा ! किसी भी टॉम्ब या कब्र में एक चीज होनी चाहिए वो है ! ममी लेकिन पिरामिड्स के अंदर अभी तक कोई ममी मिली ही नहीं ! अब सवाल ये है कि अगर पिरामिड्स का सही कारण इलेक्ट्रिक पावर प्लांट बनाना ही था तो हमारी अभी की टेक्नोलॉजी ज्यादा एडवांस है या उनकी टेक्नोलॉजी ज्यादा एडवांस थी?

1934 में एक पत्थर में से एक अविश्वशनीय चीज मिली जिसने ये साबित किया कि वो लोग सबसे पहले इंसान थे जिन्होंने इलेक्ट्रिसिटी का आविष्कार किया ! पत्थर में से जो चीज मिली थी वो थी बघदाद बैटरी ! इस बैटरी में हमारी आज की मॉडर्न बैटरी जैसा कॉमन कुछ नहीं था ! ये बैटरी तीन भागों से मिलकर बनी थी ! सिरेमिक पार्ट, कॉपर ट्यूब, और आयरन रोड़ ! जब द्रव एसिड इसमें भरा जाता तो रासायनिक क्रियाओं के चलते ये इलेक्ट्रिसिटी प्रदान करती ! खोजकर्ताओं के अनुसार ये बैटरी 2000 साल पहले इस्तेमाल की गई थी !

गीजा के पिरामिड का रहस्य खुद में एक अनसुलझी पहेली है जिनमे कई अंडर ग्राउंड गहरे टनल हैं ! ये एरिया अभी तक एक्स्प्लोर नहीं किया गया है ! ग्रेट पिरामिड कभी पोलिस लाइम स्टोन से इस तरह से स्मूथली कवर था कि इसकी सतह पूरी तरह से फ्लैट थी जो कि सूर्य से आने वाली किरणों को मिरर की तरह रिफ्लेक्ट करती थी जिससे पिरामिड इंसुलेटेड बना रहता था ! जिसकी वजह से पिरामिड के अंदर कांस्टेंट टेम्परेचर रहता ! मिश्र वासियों ने पिरामिड्स यानी कुचालक बना रहता ! पिरामिड के अंदर एक खास पदार्थ का इस्तेमाल किया था ! ये मिनरल इलेक्ट्रिकल कंडक्टविटी को कई गुना बढ़ा देता है ! पिरामिड के अंदर बने टुनल रेडियो एक्टिव ग्रेनाइट से परस्पर हैं ! इन ग्राँइट्स में भरपूर मात्रा में मेटल और क्वार्ट्ज़ क्रिस्टल हैं जो कि इलेक्ट्रिसिटी के बहुत ही अच्छे सुचालक हैं ! ग्रेनाइट का उपयोग पिरामिड के अंदर कि हवा को आयनित करना था !

1993 में ग्रेट पिरामिड में एक चैम्बर को खोजा गया जिसको क़्वींस चैम्बर यानी रानी का कमरा नाम दिया गया ! फिर 2011 में क़्वींस चैम्बर को मॉडर्न टेक्नोलॉजी के द्वारा एक्स्प्लोर किया तो पाया कि क़्वींस चैम्बर पूरी तरह से सील बंद था जिसके अंदर कॉपर वायर मौजूद थे ! अगर परिस्थिति सही हो तो कॉपर सील्ड रूम में पावर फुल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एनर्जी छोड़ता है ! ग्रेनाइट, लाइमस्टोन, डोलोमाइट और कॉपर ये सभी मैटेरियल्स इलेक्ट्रिसिटी को कंडक्ट करने के लिए काफी अच्छे हैं !

इन पिरामिड्स में पानी को पावर सोर्स के लिए यूज़ किया जाता था ! हजारों साल पहले नील नदी ग्रेट पिरामिड के पास से गुजरती थी जिसके पानी का उपयोग पिरामिड में किया गया था ! पानी के मूवमेंट से पिरामिड के अंदर काफी तेज कम्पन होने लगते थे ! जिसकी वजह से पिरामिड के अंदर बहुत ज्यादा मात्रा में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एनर्जी बनती थी ! और वो ऊर्जा पिरामिड की छोटी पर सोने के बने कैप्स्टोन में जाती ! सोना इलेक्ट्रिसिटी का बहुत ही अच्छा सुचालक है ! सोने का बना कैप्स्टोन ऋणात्मक आयनों को आयनोस्फेयर में छोड़ता और इस तरह से पिरामिड एक इलेक्ट्रिकल पावर प्लांट की तरह काम करता !

प्राचीन मिश्र की कलाकृतियों में ऐसी कलाकृति मौजूद हैं ! जिनमे पता चलता है कि वो लोग वायरलेस लैंप लेकर चल रहे हों ! प्राचीन मिश्र वासी वायरलेस इलेक्ट्रिसिटी और कम्युनिकेशन का उपयोग करते थे ! वैज्ञानिकों के अनुसार पिरामिड का जब इलेक्ट्रोमेग्नेटिक परीक्षण किया गया तो वो परीक्षण बिलकुल वैसा ही था जैसा आसमान में कड़कती हुई बिजली के तूफ़ान का होता है !

हालाँकि पिरामिड पर बहुत सी रिसर्च बाकी है लेकिन पावर प्लांट थ्योरी काफी हद तक पिरामिड के रहस्यों से पर्दा उठाती है ! हो सकता है कि पिरामिड के अंदर पाये गये ये अवशेष महज एक इत्तेफाक हों लेकिन इतना तो तय है कि पिरामिड को बनाने में जिस तरह इंजीनियरिंग का बेमिशाल उपयोग हुआ है वैसा हमारी आज की टेक्नोलॉजी से कर पाना अभी मुमकिन नहीं है !

आपको क्या लगता है कि प्राचीन मिश्र वासियों की टेक्नोलॉजी हमारी अभी की टेक्नोलॉजी से ज्यादा एडवांस थी ! और मुझे उम्मीद है कि आपको गीजा के पिरामिड का रहस्य पावर प्लांट थ्योरी के रूप में जरूर पसंद आया होगा !

आपको क्या लगता है कि क्या गीजा के पिरामिड का रहस्य अभी भी अनसुलझा है? प्लीज कमेंट बॉक्स में जरूर बताना !

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