पृथ्वी के आर पार सुरंग

पृथ्वी के आर पार सुरंग का सफर कैसा होता?

पृथ्वी के आर पार सुरंग का सफर कैसा होता?

सम्पूर्ण प्रकृति भौतिकी के नियमों का पालन कर रही है ! अगर हम कोई वस्तु ऊपर की ओर फैंके तो उसका धरती पर वापस लौटना निश्चित है ! इसका कारण है भौतिक का नियम यानी गुरुत्वाकर्षण बल ! इस पोस्ट में हम भौतिकी के इसी नियम यानी गुरुत्वाकर्षण बल पर आधारित एक परिकल्पना करेंगे जिसमे हम पृथ्वी के केंद्र से होते हुए पृथ्वी के आर पार एक सुरंग बनायेंगे जिसमे हमें कूदना होगा ! और उसके बाद देखेंगे कि पृथ्वी के आर पार सुरंग का सफर कैसा होता?

वैसे हमारी वर्तमान टेक्नोलॉजी के हिसाब से पृथ्वी के आर पार सुरंग बनाना अभी नामुमकिन है ! कुछ साल पहले वैज्ञानिकों ने पृथ्वी की गहराई में जाने के लिए एक सुरंग बनाने का प्रयत्न किया लेकिन पृथ्वी की गहराई में कुछ किलोमीटर के बाद धातु के बने औजार पिघलने लगे और वैज्ञानिकों को अपना अभियान बंद करना पड़ा ! खैर, हम परिकल्पना करने वाले थे तो चलिए अपनी कल्पना के सागर में गोता लगाते हैं !

मान लो की हमने पृथ्वी के अंदर एक सुरंग बनाई जो कि पृथ्वी के केंद्र से होकर गुजरती है ! अब पृथ्वी के आर पार बानी इस सुरंग में हम एक छोर से कूदते हैं ! जैसे ही हम सुरंग में कूदेंगे तो हम एक मजेदार घटना का अनुभव करेंगे ! क्योंकि यहाँ भौतिकी का नियम यानी गुरुत्वाकर्षण बल काम करेगा ! हम सभी जानते हैं ! कि गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से पृथ्वी सभी चीजों को अपने केंद्र की ओर खींचना चाहती है ! लेकिन मजेदार बात ये है कि पृथ्वी के केंद्र में गुरुत्वाकर्षण बल जीरो होता है !

जैसे ही हम सुरंग में कूदेंगे तो हम पृथ्वी के केंद्र की ओर काफी तेजी से खींचे चले जायेंगे और हमारी गति बढ़ती जायगी ! जैसे ही हम केंद्र पर आएंगे तो हम अपने आप को फ्रीली महसूस करेगें जैसे एस्ट्रोनोट स्पेस स्टेशन में करते हैं ! क्योंकि केंद्र पर नेट ग्रेविटी का मान शून्य होगा ! लेकिन जैसे ही हम केंद्र पर पहुंचेंगे तो हमारे अंदर एक तीव्र गति होगी जिसकी वजह से हम पृथ्वी के केंद्र पर रुक नहीं पायेंगे और सुरंग के दुसरे छोर तक बढ़ते चले जायेंगे !

लेकिन अब मजेदार बात ये होगी कि पृथ्वी का केंद्र हमे अपनी ओर खींचने लगेगा जिसकी वजह से हमारी गति धीमी होती जाएगी और जैसे ही हम सुरंग के दूसरे छोर पर पहुंचेंगे तो ठीक सुरंग के दूसरे छोर पर हमारी गति जीरो हो जाएगी और हम सुरंग से बहार नहीं निकल पायेंगे बल्कि इसके विपरीत हम फिर से पृथ्वी के केंद्र की ओर खींचे चले जायेंगे ! और जैसे ही हम पृथ्वी के केंद्र से गुजरते हुए सुरंग के पहले छोर तक पहुंचेंगे तो भी हम सुरंग से बहार नहीं निकल पायेंगे बल्कि पृथ्वी के केंद्र की ओर फिर से खींचे जायेगे !

कहने का मतलब हम पृथ्वी में बनी सुरंग के दोनों छोरो के मध्य दोलन करते रहेंगे ! लेकिन पृथ्वी के किसी भी छोर से बहार नहीं निकल पायेंगे ! और ये प्रक्रिया अनंतकाल तक चलती रहेगी !

तो कैसी लगी आपको ये पोस्ट पृथ्वी के आर पार सुरंग का सफर कैसा होता?

Share with your friends
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *