बिग बैंग से पहले क्या था

बिग बैंग से पहले क्या था?

बिग बैंग से पहले क्या था?

अगर आपकी ब्रह्माण्ड विज्ञान में थोड़ी भी रूचि है तो आपके मन में एक सवाल तो जरूर आया होगा कि ये विशालकाय ब्रह्माण्ड आखिर कैसे बना और बिग बैंग से पहले क्या था? हम अपने आस पास जो मैटर यानी पदार्थ देखते हैं वो पदार्थ आखिर कैसे आस्तित्व में आया? वैसे तो ब्रह्माण्ड के बारे में कई सिध्दांत प्रचलित हैं लेकिन सबसे सटीक और वैज्ञानिक सिध्दांत जो लगता है वो है बिग बैंग सिध्दांत ! मुझे उम्मीद है कि बिग बैंग थ्योरी के बारे में तो आप जानते ही होंगे ! इसलिए बिग-बैंग थ्योरी पर में ज्यादा चर्चा नहीं करूँगा ! तो चलिए जानते हैं कि बिग बैंग से पहले क्या था?

बिग-बैंग थ्योरी के अनुसार आज के समय में 93 बिलियन प्रकाश वर्ष में फैला हमारा ये ब्रह्माण्ड कभी अनंत डेंसिटी यानी घनत्व वाला एक सिंगुलरिटी पॉइंट हुआ करता था ! सिंगुलरिटी पॉइंट मतमब सिंगल डायमेन्सन में मौजूद एक बिंदु जिसको आप नथिंग यानी कुछ नहीं भी बोल सकते हो !

आज हम अपनी दुनिया को तीन आयामों में महसूस करते हैं ! जैसे लम्बाई चौड़ाई और ऊचाई ! और इन्हीं तीनों आयामों में हमारे लिए भौतिकी के सारे नियम काम कर रहे हैं जिसमे समय भी शामिल है ! लेकिन सिंगुलरिटी लेवल पर भौतिकी का कोई भी नियम काम नहीं करता ! सिंगुलरिटी लेवल पर भैतिकी के सारे नियम टूट जाते हैं ! अगर ये बात सच है कि सिंगुलरिटी लेवल पर फिजिक्स का कोई भी नियम काम नहीं करता तो इसका मतलब ये हुआ कि बिग-बैंग से ठीक पहले तक समय का भी कोई अतित्व नहीं था ! क्योंकि फिजिक्स के अनुसार समय एक फण्डामेंटल क्वांटिटी है !

जब समय की शुरुआत ही बिग-बैंग धमाके के साथ हुई और बिग-बैंग से पहले समय का कोई भी अस्तित्व नहीं था तो ये सवाल पूछना भी गलत है कि बिग-बैंग से पहले क्या था ! क्योंकि किसी भी घटना को हम टाइम लाइन पर देखते हैं ! कौनसी घटना पहले घटी थी और कोनसी घटना बाद में घटी थी ! ये भी हम टाइम लाइन पर ही देखते हैं ! जब खुद टाइम लाइन की शुरुआत बिग-बैंग से हुई तो हम ये कैसे बोल सकते हैं कि उस टाइम लाइन से पहले क्या था या बिग-बैंग से पहले क्या था? अगर आसान भाषा में कहें तो There was nothing before Big Bang. मुझे उम्मीद है कि जो मैं बताना चाह रहा हूँ वो आप समझ रहे हो !

अब ये बात तो समझ आती है कि बिग-बैंग से पहले कुछ नहीं था इसीलिए बोलते हैं कि ब्रह्माण्ड का जन्म नथिंग यानी कुछ नहीं से हुआ ! अगर इस बात को फिजिक्स के अनुसार बोला जाये तो थर्मोडायनामिक्स का नियम कहता है कि Something can not come from nothing यानी कुछ नहीं से कुछ भी नहीं आ सकता ! बिग-बंग थ्योरी में एक स्टेटमेंट और दिया जाता है कि उस अनंत डेंसिटी वाले पॉइंट में अचानक एक धमाका हुआ और हमारे ब्रह्माण्ड का जन्म हुआ ! अगर इस स्टेटमेंट को फिजिक्स के अनुसार देखा जाये तो किसी भी घटना के घटित होने के लिए किसी ना किसी कारण का होना आवश्यक है ! बिना किसी कारण के कोई घटना नहीं घट सकती !

फिजिक्स के इस नियम के अनुसार देखा जाये तो ऐसा क्या कारण रहा होगा कि उस अनंत डेंसिटी वाले बिंदु में धमाका हो गया? अगर हम फिजिक्स के नियमों के अनुसार बिग-बैंग थ्योरी को देखें तो एसा लगता है कि बिग-बैंग थ्योरी एक मिथ है और ये महज एक परिकल्पना है लेकिन फिर भी मैं बिग-बैंग थ्योरी का सपोर्ट करता हूँ क्योंकि बिग-बैंग धमाके के सबूत आज हमें Cosmic microwave background के रूप में मिलते हैं !

जैसे कि मेने आपको पहले ही बताया था ! कि सिंगुलरिटी लेवल पर फिजिक्स का कोई भी नियम काम नहीं करता और उस लेवल पर फिजिक्स के सारे नियम ब्रेक हो जाते हैं तो फिर हम ये कैसे बोल सकते हैं कि वो कौनसी घटना रही होगी जिससे बिग-बैंग धमाका हुआ या फिर हम ये कैसे बोल सकते हैं ! Something can not come from nothing जब वहाँ पर फिजिक्स के नियम ही काम नहीं कर रहे हैं तो

बहुत से लोग ऐसे हैं जो बिग-बैंग थ्योरी का सपोर्ट नहीं करते ! उनके अनुसार बिग-बैंग थ्योरी केवल एक परिकल्पना है ! लेकिन सच तो ये है कि जो लोग बिग-बैंग थ्योरी पर विश्वास नहीं करते वो बिग-बैंग धमाके को हमारी आज की दुनिया में मौजूद फिजिक्स के नियमों के अनुसार देखते हैं ! और वो लोग ये भूल जाते हैं कि जिन फिजिक्स के नियमों का आज हम पालन कर रहे हैं उनकी शुरूआत ही बिग-बैंग धमाके से हुई है ! बिग-बैंग से पहले तो इन नियमों का कोई अस्तित्व ही नहीं था ! इस लिए बिग-बैंग जैसे महाविस्फोट की तुलना हम मौजूदा फिजिक्स के नियमों से नहीं कर सकते !

फिजिक्स के नियम कब ब्रेक होते है ! ये जानने के लिए वैज्ञानिकों ने हाइड्रोन कोलाइडर में एक छोटे लेवल पर परीक्षण किया ! लेकिन फिजिक्स के नियमों को तोड़ने के लिए वो एक्सपेरिमेंट काफी नहीं था !

कुछ लोग बिग-बाउंस थ्योरी को भी सपोर्ट करते हैं ! बिग-बाउंस थ्योरी के अनुसार बिग-बैंग से पहले एक यूनिवर्स रहा होगा जो संकुचित होकर अनंत डेंसिटी वाले पॉइंट में समा गया होगा और उस अनंत डेंसिटी वाले पॉइंट से एक बिग-बैंग धमाका हुआ ! जिससे हमारा ये ब्रह्माण्ड बना जो कि फैलता ही जा रहा है ! लेकिन बिग-बैंग थ्योरी के अनुसार एक समय ऐसा आएगा कि हमारे यूनिवर्स का फैलाव रुक जायेगा और उसके बाद ये संकुचित होने लगेगा और फिर से एक अनंत डेंसिटी वाले पॉइंट में समा जायेगा और उसमें फिर से एक धमाका होगा ! जिससे एक नये ब्रह्माण्ड का जन्म होगा !

अगर बिग बाउंस थ्योरी के अनुसार देखा जाये तो ये साइकिल पता नहीं कब से चल ही होगी ! तो फिर से सवाल ये है कि जब पहले ब्रह्माण्ड का जन्म हुआ होगा उससे पहले क्या रहा होगा?

नासा इन दिनों जेम्स वेब स्पेस टेलेस्कोप पर काम कर रहा है ! एसा माना जा रहा है कि इस टेलिस्कोप की सफल लॉन्चिंग के बाद हमें ब्रह्माण्ड की उतपत्ति के बारे में बहुत से अनसुलझे सवालों के जवाब मिलेंगे !

मुझे उम्मीद है कि आपको पता चल गया होगा कि बिग बैंग से पहले क्या था?

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