मंगल ग्रह पर जीवन संभव है या नहीं | Mars Planet in Hindi

क्या अतीत में मंगल ग्रह पर जीवन था?

जब भी हम इस ब्रह्माण्ड के रहस्यों के बारे मैं विचार करते हैं तो हमारा पहला विचार होता है कि क्या ब्रह्माण्ड में कोई ऐसा भी ग्रह है जहाँ जीवन या तो रहा होगा या भविष्य में हो सकता है ! या इस ब्रह्मण्ड में केवल पृथ्वी ही एक मात्र ग्रह है जिस पर जीवन संम्भव है ! वैज्ञानिकों के लिए ये विषय हमेशा ही आकर्षक रहा है ! और हमारी वर्तमान टेक्नोलॉजी के द्वारा की गई खोजों से पता चला है कि ब्रह्माण्ड में ऐसे भी ग्रह मौजूद हैं जिन पर यातो जीवन रहा होगा या भविष्य में जीवन पनपने की सम्भवना है ! इस पोस्ट में हम ऐसे ही एक ग्रह की विशेषताओं के बारे में जानेंगे जो पृथ्वी की ही तरह जीवन के अनुकूल रहा होगा या भविष्य में मानव बस्ती बसाने हेतु उपयोगी साबित हो सकता है ! मंगल ग्रह के बारे में तो आप जानते ही होंगे ! वैज्ञानिक मानते हैं कि अतीत में मंगल ग्रह पर जीवन रहा होगा !

मंगल ग्रह जो आकार में पृथ्वी से आधा है फिर भी यह पृथ्वी के ही सामान कुछ समानतायें प्रदर्शित करता है जिसकी वजह से वैज्ञानिकों की उत्सुकता मंगल ग्रह में बनी हुई है ! जो वहाँ जीवन के होने की सम्भावनाएँ प्रदर्शित करती है ! ये विचार काफी रोचक लगता है कि मंगल ग्रह पर जीवन मौजूद है इस कारण बीते कुछ वर्षो में वैज्ञानिको द्वारा इस ग्रह के बारे में जानकारी प्राप्त करने की सबसे अधिक कोशिश हुई है !

सन 1877 में इटली के खगोल वैज्ञानिक शियापरेली ने मंगल ग्रह के चमकदार क्षेत्रों में आड़ी रेखाओं का एक सघन जाल देखा ! उन्होंने उसका नाम केनाली रखा ! इटली भाषा में केनाली का अर्थ है खांचे या नालियां ! लेकिन अंग्रेजी भाषा में इस शब्द का अनुवाद केनाल यानी नहर किया गया तभी से वैज्ञानिकों के लिए यह एक रहस्य का विषय बना रहा कि आखिर इन नहरों को किसने बनाया और कैसे बनाया? क्या मंगल ग्रह पर बनी नहरें प्राकृतिक रूप से व्यस्थित हैं? या क्या मंगल ग्रह पर कभी कोई इंटेलीजेंट सभ्यता रही होगी? क्या वर्तमान में भी मंगल ग्रह पर ऐसी परिस्थियाँ हैं जो मानव जीवन के अनुकूल हों या फिर भविष्य में कभी ऐसी घटना हो सकती है कि मंगल ग्रह पर जीवन बसाया जा सके?

ये प्रशन विज्ञान जगत में काफी रोचक विषय बने हुए हैं और ऐसे ही प्रशनों के उत्तर जानने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा मंगल ग्रह पर कई उपग्रह भेजे गए जिसमे भारत का भी योगदान है ! इन उपग्रहों की मदद से मंगल ग्रह के नक्से को अच्छी तरह समझने में मदद मिली और मंगल ग्रह की कुछ रहस्यमई प्राकृतिक घटनाओं और कुछ विशेषताओं का भी पता चला है जो मंगल ग्रह के पास्ट या फ्यूचर में जीवन के होने की संभावानाओं को उजागर करते हैं ! चलिए मंगल ग्रह की कुछ विशेषताओं को जानते हैं जो लगभग पृथ्वी के ही सामान हैं और मानव जीवन के लिए उपयोगी भी हैं !

पृथ्वी पर एक दिन 24 घण्टे का होता है लेकिन वहीं मंगल ग्रह पर एक दिन 24 घण्टे 37 मिनट का होता है ! जो कि लगभग पृथ्वी के बराबर है ! पृथ्वी अपनी अक्ष पर 23.5 डिग्री झुकी हुई है जिसके कारण पृथ्वी पर ऋतुऐं बदलती रहती हैं और ध्रुवीय टोपियां बनती हैं ! आपको जानकर हैरानी होगी कि मंगल ग्रह अपने रोटेशनल एक्सिस पर 25 डिग्री झुका हुआ है और इस पर भी मौसम बदलते हैं और ध्रुवीय टोपियां बनती हैं ! मंगल पर भी पृथ्वी के समान गर्मी और जाड़ों के मौसम होते हैं जिनमें प्रत्येक की अवधि पृथ्वी के समान ही 6 महीने की होती है !

मंगल ग्रह के वायु मंडल और भू-विज्ञान पृथ्वी के वायुमंडल और भू-विज्ञान से काफी मिलते जुलते हैं जो इस पर जीवन की संभावनाओं को प्रबल करती है ! पृथ्वी की तरह मंगल ग्रह की मिटटी भी सिलिकेट से ही बानी है ! मंगल ग्रह पर उल्कापिंडो से बने 5 किलोमीटर से लेकर 121 किलोमीटर व्यास के कई आकारों के गढ्ढे भी देखे जा सकते हैं ! मंगल ग्रह का सबसे ऊँचा ज्वालामुखी ओलम्पस मोंस या ओलम्पस पर्वत है जो एवरेस्ट से लगभग 3 गुना ऊँचा है ! लेकिन अब वो ज्वालामुखी सक्रिय नहीं है ! मंगल की सतह पर गहरे कटक और बढ़ी-बढ़ी घाटियां भी हैं ! सैटेलाइट्स द्वारा भेजी गई तस्वीरों में द्वीप भी दिखाई पड़ते हैं जो उन जगहों पर बन गए जहां कभी गड्ढो के किनारे से पानी बहा होगा ! वहाँ नदी ताल भी दिखाई पड़ते हैं जो लाखो करोड़ों वर्षों से सूखे पड़े हैं !

मंगल की सतह की इन विशेषताओं से पता चलता है कि अतीत में वहाँ वायुमंडल और महासागर दोनों ही रहे होंगे ! अमरीका द्वारा भेजे गये वाइकिंग यान को इस बात के भी प्रमाण मिले हैं कि मंगल ग्रह पर कभी पानी बहता था ! और वहाँ का वायुमंडल अभी के वायुमंडल से कहीं अधिक सघन था ! यहाँ तक कि मंगल के वायुमंडल में बर्फ के बादल, कार्बोनडाई ऑक्साइड गैस और लाल रंग की धूल है ! फिर भी यह सब इतनी मात्रा में नहीं है कि सूर्य की ऊष्मा को कैद कर सके इसलिए मंगल एक बहुत ठण्डा ग्रह है !

मंगल ग्रह की कुछ तस्वीरों से यह पता चलता है कि कभी वहाँ जीवन रहा होगा हालाँकि यह कहना बहुत मुस्किल है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा हो कि वहाँ मानव बस्तियां बसाई जा सकें ! क्योकि मंगल की वर्तमान परिस्थितियों के मुताबिक वहाँ ठण्ड, अत्यधिक शुष्कता, तीव्र पराबैंगनी प्रकाश और थोड़ी सी ऑक्सीजन जीवन के परिचित रूप के लिए प्रतिकूल है ! परन्तु वैज्ञानिकों द्वारा मंगल पर भेजे गए बाईकिंग यानो द्वारा किये प्रेक्षणों में वर्तमान में जीवन के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं लेकिन वैज्ञानिकों को आशा है कि मंगल ग्रह की ये विशेषताऐं कहीं न कहीं

मंगल ग्रह पर जीवन की उपस्थिति के लिए सुगम और सार्थक सिध्द हो सकती हैं और भविष्य में ये विशेषताएं मानव बस्ती बसाने के अनुकूल भी हो सकती हैं !

दोस्तों आपको क्या लगता है कि क्या कभी मंगल ग्रह पर जीवन रहा होगा?

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