Hindu god alien proof in Hindi | Ancient Aliens or Gods in Hindi

प्राचीन एलियन या भगवान Ancient Aliens vs Gods

Ancient Alien vs God: हम बचपन से ही सुनते आ रहे हैं कि देवता स्वर्ग में रहते हैं और अगर हम अच्छे कर्म करेंगे तो हमें स्वर्ग यानी जन्नत नसीब होगी ! हमारी पौराणिक कथाओं और धर्म ग्रंथों में भी इस बात का जिक्र किया जाता है ! दुनिया भर में लगभग 4200 धर्म है और सभी धर्मों में देवी-देवताओं, भगवान के दूत और भगवान का, उस धर्म के अनुसार जिक्र किया जाता है ! लेकिन अब सवाल यह है कि हमारे धर्म ग्रंथों में देवताओं के बारे में जो पौराणिक कथाएं बताई जाती है क्या वह सच है और क्या हमें अपने ग्रंथों पर विश्वास करना चाहिए ? आइए जानते हैं प्राचीन एलियन या भगवान Ancient Alien vs God!

हम 21वीं सदी के लोग हैं और यह विज्ञान की सदी है विज्ञान के इस युग में किसी भी प्रकार के अंधविश्वास के लिए कोई भी जगह नहीं है ! एक समय था जब लोग मानते थे कि पृथ्वी ब्रह्मांड के सेंटर में है और चांद, सूरज और अन्य तारे इसका चक्कर लगाते हैं लेकिन विज्ञान ने लोगों के इस भ्रम को दूर किया और पृथ्वी के बारे में सही विवरण दिया ! आज विज्ञान की मदद से हम दूसरे ग्रहों पर जाकर उन का निरीक्षण कर रहे हैं लेकिन अब सवाल यह है कि विज्ञान के इस युग में क्या हमने अपनी पृथ्वी को पूरी तरह से समझ लिया है ? क्या विज्ञान ने पृथ्वी के सभी रहस्यों को सुलझा दिया है ?

अगर हम इतिहास में झांक कर  प्राचीन सभ्यताओं द्वारा छोड़े गए निशानों को देखें तो उन पर विश्वास करना मुश्किल होता है ! आज हम वैज्ञानिक उपकरणों और परीक्षणों द्वारा Pridict कर सकते हैं कि पृथ्वी पर गुजरा हुआ वक्त कैसा रहा होगा  ? जैसे अलग-अलग प्रजातियों का Evolution, डायनासोर का धरती पर राज करना, और पृथ्वी का बनना आदि ! लेकिन जैसे ही हम इतिहास में 3000 से 10000 साल पीछे झांकते हैं और उस समय में मौजूद सभ्यताओं के अवशेषों को देखते हैं तो ऐसा लगता है कि हम पृथ्वी के गुजरे हुए वक्त के बारे में कुछ भी नहीं जानते और जब भी हम उन सभ्यताओं को जानने की कोशिश करते हैं तो दिमाग में एक ही चीज आती है ! आखिर क्यों और कैसे ?

क्यों और कैसे नाज्का लाइंस को बनाया गया था ? क्यों और कैसे बनाया गया था मिस्र के पिरामिडों को ? क्यों और कैसे बनाया गया था ईस्टर द्वीप की मूर्तियों को ? क्यों और कैसे बनाया गया था Stonehenge को  ? आखिर क्यों नष्ट हो गया बेहद उन्नत शहर मोहनजोदारो ? वर्तमान में ऐसे ही कई और उदाहरण हैं जो गुजरे हुए वक्त से सिर्फ यही पूछते हैं कि आखिर क्यों और कैसे ? और ना जाने ऐसी कितनी और सभ्यताएं होंगी जो धरती की गहराई में दफ़न हैं जो कि अभी भी अपने खोजे जाने का इंतजार कर रही है ! वो कौन थे जिसने इन्हे बनाया ? प्राचीन एलियन या भगवान ?

अगर हम इन सभ्यताओं को गहराई से देखें तो हम माने या न माने लेकिन उनकी टेक्नोलॉजी बेहद उन्नत रही होगी ? क्योंकि बिना किसी तकनीकी मदद के भारी भरकम Pyramids को इतने सटीक ढंग से बनाना असंभव लगता है ! ऐसा लगता है जैसे अभी जो हमारी टेक्नोलॉजी है वैसी ही टेक्नोलॉजी इस धरती पर पहले भी मौजूद रह चुकी है !आप  जो तस्वीर  देख रहे हो यह Egypt  के एक मंदिर में नक्काशी की हुई तकरीबन  3500  साल पुरानी तस्वीर है ! अगर इस तस्वीर को गौर से देखा जाए तो इसमें दिखने वाली आकृतियां हमारी आधुनिक तकनीक जैसी लग रही है ! जैसे आधुनिक हेलीकॉप्टर जैसी दिखने वाली आकृति, मोटरबोट या टैंक, छोटे जहाज और पनडुब्बी ! आखिर इसका क्या मतलब है जो इन चीजों को 3500 साल पहले नक्काशी किया गया !

आखिर इस तस्वीर का क्या मतलब है ?

आप  जो तस्वीर  देख रहे हो यह Egypt  के एक मंदिर में नक्काशी की हुई तकरीबन  3500  साल पुरानी तस्वीर है ! अगर इस तस्वीर को गौर से देखा जाए तो इसमें दिखने वाली आकृतियां हमारी आधुनिक तकनीक जैसी लग रही है ! जैसे आधुनिक हेलीकॉप्टर जैसी दिखने वाली आकृति, मोटरबोट या टैंक, छोटे जहाज और पनडुब्बी ! आखिर इसका क्या मतलब है जो इन चीजों को 3500 साल पहले नक्काशी किया गया!

प्राचीन एलियन और भगवान

1901 में ग्रीक आयरलैंड के एंटीकाइथेरा तट पर एक डूबे जहाज के मलबे से लगभग 2000 साल पुराना एनालॉग कंप्यूटर बरामद किया गया जिसको की Antikythera Mechanism बोला जाता है ! ऐसे ही कई और भी सबूत हैं जो इसी ओर इशारा करते हैं कि गुजरे हुए वक्त में टेक्नालॉजी बेहद एडवांस रही होगी !

वैसे गुजरी हुई सभ्यताओं के बारे में जान पाना बेहद मुश्किल है ! गुजरे हुए समय में पृथ्वी पर क्या क्या घटनाएं घटी थी वह जान पाना केवल एक ही तरह से संभव है, वह है समय में पीछे यात्रा करके टाइम मशीन के द्वारा अभी से 5000 साल पहले जो सभ्यताएं चल रही थी उस दौर में जाया जाए ! लेकिन समय में पीछे यात्रा कर पाना असंभव है !

Erich Von Daniken ने अपनी बुक “Chariots of the Gods” में गुजरी हुई सभ्यताओं के बारे में जिक्र किया है ! एरिक ने अपनी बुक में एक Science Fictional स्पेस शिप की कल्पना की है ! प्राचीन एलियन या भगवान के बारे में जिक्र किया है  ! आइए वही कल्पना हम भी करते हैं !

मान लीजिये कि अभी से कुछ सालों बाद भविष्य में हमारी टेक्नोलॉजी बहुत ही एडवांस हो जाती है ! हम एक ऐसी Spaceship बनाते हैं जो कि किसी बड़े शहर जितनी बड़ी हो !  इतनी बड़ी Spaceship को हम स्पेस ही पृथ्वी के Orbit में बनाते हैं और Piece by piece Assemble करते हैं ! लगभग दो दशक में Spaceship बनकर तैयार हो जाता है ! इस Spaceship में पृथ्वी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं और यह Spaceship लगभग लाइट की स्पीड से चलने लायक है !

अब यह अंतरिक्ष यान पृथ्वी के ऑर्बिट से लॉन्च कराया जाता है और यह अंतरिक्ष यान एक ऐसे तारामंडल की तरफ बढ़ता है जहां पर पृथ्वी जैसा ही एक ग्रह मौजूद है जिस पर जीवन होने की संभावना है ! 10 से 12 साल की यात्रा के बाद यह अंतरिक्ष यान उस तारामंडल में प्रवेश कर जाता है और अपने अंतरिक्ष यान को उस पृथ्वी जैसे ग्रह के Orbit में स्थापित कर दिया जाता है !

अंतरिक्ष यान से हमारे एस्ट्रोनॉट छोटे छोटे विमान और हेलीकॉप्टर लेकर उस ग्रह पर उतरते हैं ! जैसे ही हमारे अंतरिक्ष यात्री उस  ग्रह पर अपने कदम रखते हैं तो वह देखते हैं कि उस ग्रह पर पहले से ही कुछ आदिवासी लोग रह रहे हैं जो कि पत्थरों के औजार बनाकर जानवरों का शिकार करके अपना पेट भरते हैं और पत्थरों के बर्तन बनाकर उनका उपयोग करते हैं ! वह लोग उस ग्रह के चांद और सूरज को भगवान मानते हैं क्योंकि दिन में सूरज की रोशनी से वह शिकार कर पाते हैं और रात में चांद की रोशनी से ! वो लोग आसमान में चमकती हुई बिजली और गरजते हुए बादल को भगवान का प्रकोप मानते हैं लेकिन जैसे ही हमारे अंतरिक्ष यात्री उस ग्रह पर उतरते हैं तो हमारे वहां पहुंचने से उन आदिवासी लोगों में खलबली मच जाती है और वह बहुत ज्यादा डर जाते हैं ! क्योंकि उन आदिवासी लोगों ने इससे पहले कभी भी आसमान में उड़ती हुई बड़ी बड़ी चीजें नहीं देखी थीं और नाही उन चीजों से निकलने वाली आवाजों को पहले कभी सुना था !

उस ग्रह के आदिवासी लोग हमारे अंतरिक्ष यात्रियों को एक सुरक्षित जगह से छिपकर उतरते हुए देख रहे हैं ! उन्होंने देखा कि हमारे अंतरिक्ष यात्री कुछ अजीब तरह के कपड़े पहने हुए हैं जो कि Space suit है ! जैसे ही रात होती है तो वह अंतरिक्ष यात्रियों को देखकर और ज्यादा हैरान हो जाते हैं क्योंकि अंतरिक्ष यात्री रात में लाइट का यूज़ करते हैं जिसकी वजह से वहां पर चारों तरफ दिन की तरह उजाला हो जाता है ! रात में इस तरह की कलरफुल लाइट को उन्होंने पहली बार देखा है जो कि उनको चमत्कार लग रहा है !

हमारे अंतरिक्ष यात्री जब से उस ग्रह पर पहुंचे हैं और अपने वैज्ञानिक उपकरणों से जो जो काम कर रहे हैं वह सब उन आदिवासियों को चमत्कार लग रहे हैं क्योंकि ऐसे चमत्कारों के बारे में उन्होंने सपने में भी कभी नहीं सोचा था ! वो आदिवासी लोग हमारे अंतरिक्ष यात्रियों को आसमान से आये भगवान मानने लगे हैं और वह आदिवासी लोग हमारे अंतरिक्ष यात्रियों को उपहार भेंट करते हैं !

दिन-प्रतिदिन बीतते जा रहे हैं और हमारे अंतरिक्ष यात्री एक तरफ तो कुछ ग्रह का अध्ययन कर रहे हैं और दूसरी ओर उन आदिवासी लोगों की लोकल भाषा को भी सीख चुके हैं ! एक और हमारे अंतरिक्ष यात्री अपने साथ ले जाई गई बड़ी-बड़ी मशीनों की मदद से और उन लोकल आदिवासियों की मदद से अपनी बड़ी बड़ी प्रयोगशाला बनाते हैं तो दूसरी ओर उन आदिवासियों को मानवता का पाठ पढ़ाते हैं और उन्हें जीने का तरीका सिखाते हैं और उन आदिवासियों की हर वह सहायता करते हैं जिसकी उन्हें जरूरत है ! उन आदिवासियों में कुछ चुनिंदा लोगों को हमारे अंतरिक्ष यात्री कम्युनिकेशन डिवाइस दे देते हैं जिससे कि वह हमारे अंतरिक्ष यात्रियों के कांटेक्ट में रहें ! हमारे अंतरिक्ष यात्री वहां की कुछ चुनिंदा महिला आदिवासियों के साथ संभोग करते हैं जिसकी वजह से आने वाली जनरेशन उनमें हो रहे नेचुरल एवोलूशन की एक स्टेज को Skip कर के आगे पहुंच जाती है और एक नई रेस का जन्म होता है !

हमारे अंतरिक्ष ग्रह पर अपना मिशन कंप्लीट करते हैं और अब समय हो गया है उस ग्रह को छोड़ कर अपने घर वापस आने का ! अंतरिक्ष यात्री उस ग्रह के लोगों से प्रॉमिस करते हैं कि वह फिर से वापस आएंगे !

अंतरिक्ष यात्री उस ग्रह पर अपने द्वारा किए गए कामों के निशान छोड़ कर आते हैं जिनको कि उन आदिवासी लोगों की भविष्य में 3 से 4000 साल बाद आने वाली विज्ञान और गणित को समझने वाली सिविलाइजेशन ही समझ पाएगी ! जब अंतरिक्ष यात्री उस ग्रह को छोड़ते हैं और हमारी Spaceship उनकी नजरों से ओझल हो जाती है उसके बाद वो लोग हमारे चमत्कारों की चर्चा करते हैं और कहते हैं कि भगवान यहां आ कर रहे थे !

अंतरिक्ष यात्री उस ग्रह पर जहां जहां रहे थे उन स्थानों को Holy Places बना दिया जाता है ! जो लोग लिखना जानते थे उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों के उस ग्रह पर उतरने से लेकर जाने तक की पूरी कथा किताबों में लिख दी और उन किताबों को होली बुक्स का दर्जा दे दिया गया ! जो लोग पत्थरों से कलाकृतियां बनाना जानते थे उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों की तस्वीरें और मूर्तियां बना दी और उनको भगवान मानकर पूजने लगे ! उन्होंने अपनी किताब में अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा ले जाए गए और सब कुछ तबाह कर देने वाले भयानक हथियारों का भी जिक्र किया !

समय का पहिया घूमता रहा, हजारों सदियां बीतती चली गई और अंतरिक्ष यात्रियों यानी देवताओं की महिमा का गुणगान बढ़ता चला गया !

4000 से 5000 साल बाद अब उन लोगों ने विज्ञान के क्षेत्र में काफी तरक्की कर ली है और दूसरे ग्रहों पर जाकर Research कर रहे है लेकिन अभी वो इस सोच में पड़े हैं कि 4000 से 5000 साल पहले बिना किसी तकनीकी मदद के इतने सटीक ढंग से बनी हुई आकृतियां किसने बनाई और आखिर क्यों और कैसे बनाईं ?

चलिए, अपनी काल्पनिक दुनिया से निकल कर अपनी असली जिंदगी में आते हैं और Eric Von Denican की काल्पनिक दुनिया में जो आदिवासी लोग थे उनकी जगह पर अगर हम अपने आप को रख कर देखें तो क्या ऐसा ही कुछ हमारे साथ भी हुआ होगा ?

दोस्तों मैं यह नहीं कह सकता कि Eric Von Denican की यह Theory सौ प्रतिशत सत्य है लेकिन यह Theory हमें गुजरे हुए वक्त के बारे में एक झलक जरूर दिखाती है कि हो सकता है कि ऐसा हुआ हो !

आप अपनी स्क्रीन पर जो तस्वीर देख रहे हो यह हजारों साल पुरानी भगवान की मूर्ति है ! आज से 200 साल पहले तक यह मूर्ति देखने में भले ही अजीब लगती हो लेकिन आज इस मूर्ति को देखने से पता चलता है कि यह एक एस्ट्रोनॉट है जो कि Space suit पहने हुए हैं और यह मूर्ति आजकल के एस्ट्रोनॉट की तरह लग रही है !

प्राचीन एलियन और भगवान
प्राचीन एलियन और भगवान

हजारों साल पहले इस धरती पर क्या हुआ था हम इस बात का सिर्फ अंदाजा ही लगा सकते हैं और पुराने कुछ सबूतों की मदद से नई नई Theories दे सकते हैं लेकिन सत्य क्या है यह तो उन किताबों में छिपा हुआ है जिनसे आज हम विज्ञान का हवाला देकर दूरियां बना रहे हैं ! जी हां आप सही समझे, हमारी होली बुक यानी धर्म ग्रंथ !

मैं यह तो नहीं कह सकता कि हमारे ग्रंथों में जिन देवताओं या भगवान का जिक्र होता है वह एस्ट्रोनॉट थे या भगवान लेकिन मैं एक बात जरुर बोल सकता हूं कि हमारे ग्रंथों में जिन पौराणिक कथाओं का जिक्र किया जाता है वह सब धरती पर घटित हुए इतिहास को दर्शाता है और हमारे ग्रंथ ही एकमात्र सहारा है इस धरती के इतिहास का सच जानने के लिए !

बहुत से लोगों का मानना है कि ग्रंथों में जिन पौराणिक कथाओं का जिक्र होता है वह सब काल्पनिक हैं ! चलिए एक बार के लिए मान लिया जाए कि ग्रंथों में वर्णित पौराणिक कथाएं काल्पनिक है तो सवाल यह है कि 4500 साल पहले जिसने भी इन कथाओं को लिखा होगा उसने इतना दिमाग कैसे लगाया होगा कि उड़ने वाले विमान भी हो सकते हैं या फिर सब कुछ तबाह कर देने वाले दिव्यास्त्र ! ध्यान देने वाली बात तो यह है कि पौराणिक कथाओं में जिस टेक्नोलॉजी का वर्णन होता है वैसी टेक्नोलॉजी हमारे पास आज भी मौजूद नहीं है !

हां मैं एक बात जरूर मानता हूं कि हम 21वीं सदी के लोग हैं और हम किसी भी बात पर आंख बंद करके विश्वास नहीं कर सकते ! किसी भी बात पर विश्वास करने के लिए हमारे पास वैज्ञानिक सबूतों का होना जरूरी है !

अब सवाल यह है कि क्या हमें अपनी प्राचीन किताबों या ग्रंथों पर विश्वास करना चाहिए ! तो मेरा मानना है कि अगर हम वाकई में सत्य को जानना चाहते हैं तो हमें विज्ञान और Holy Books को साथ लेकर चलना पड़ेगा क्योंकि विज्ञान हमारा आज का सच है और Holy Books हमारा बीता हुआ कल !

ध्यान दें कि यहां पर मैंने सिर्फ होली बुक्स की बात की है ना कि भगवान की ! आपका भगवान को मानना या ना मानना वह सबका अपना अपना मत है ! इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप भगवान को मानते हो या नहीं, बल्कि फर्क तो इस बात से पड़ता है कि आप सत्य को जानते हो या नहीं ! चाहे हम माने या न माने लेकिन सत्य यही लगता है कि हम से भी ज्यादा टेक्नोलॉजी रखने वाले लोग इस धरती पर पहले भी राज कर चुके हैं ! मोहनजोदारो में आज भी Radiation पाया जाता है जो इस बात की पुष्टि करता है कि हजारों साल पहले भी न्यूक्लियर वॉर हुआ था ! बहुत से लोगों का ये भी मानना है कि पृथ्वी अपने आपको दोहरा रही है ! सच चाहे जो भी हो लेकिन भविष्य में इन सब रहस्यों से पर्दा उठ जाएगा !

तो दोस्तों आपको क्या लगता है कि हमारे देवी देवता कौन थे Ancient Alien or God ?

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