Time travel in Hindi | ब्लैक होल के द्वारा समय यात्रा

Time Travel Through Black Hole

Time travel in Hindi : समय यात्रा एक ऐसी परिकल्पना है जिसका बहुत से लोग समर्थन करते हैं लेकिन वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसका विरोध करते हैं ! उनकामानना है की समय यात्रा असंभव है ! लेकिन भौतिक विज्ञान के नियमों के अनुसार समय यात्रा संभव है ! महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन केद्वारा भौतिकी में दिए सापेक्षतावाद के सिध्दांत यानी थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी ने भौतिकी की दुनिया में एक अवधारणा को जन्म दिया ! पिछलीपोस्ट में हमने जाना था की प्रकाश की गति से समय यात्रा कैसे संभव है और इस पोस्ट में जानेंगे कि ब्लैक होल के द्वारा समय यात्रा कैसे संभवहै ?

इस अनंत फैलाव वाले ब्रह्माण्ड में मौजूद खगोलीय पिंडो पर समय की गति वहां पर मौजूद गुरुत्वाकर्षण के हिसाब से चलती है ! यानी जहाँ परगुरुत्वाकर्षण ज्यादा होता है वहां पर समय धीमी गति से चलता है ! और जहाँ पर गुरुत्वाकर्षण कम होता है वहां समय तेज रफ्तार से चलता है! मतलब हमारे सौर मंडल के सभी ग्रहों पर समय अलग अलग रफ्तार से चल रहा है ! जैसे कि मंगल ग्रह पर समय पृथ्वी के मुकाबले तेजरफ्तार से चल रहा है ! और बृहस्पति ग्रह पर समय धीमी रफ्तार से चल रहा है !

लेकिन हमारे सौरमंडल के सभी ग्रहों पर समय का यह अंतर काफी मामूली है ! अगर हम समय के इस अंतर को महसूस करना चाहते हैं तोहमें ऐसे खगोलीय पिंड के पास जाना होगा जिसका गुर्त्वाकर्षण हमारे सूर्य से भी करोड़ों गुना ज्यादा हो ! और ब्रह्माण्ड में ऐसी संरचनाएं भीमौजूद हैं जो समय को भारी मात्रा में प्रभावित कर रही हैं जिनमे से एक संरचना का नाम है ब्लैक होल जो कि एक प्राकृतिक टाइम मशीन है !

ब्रह्माण्ड में अभी तक ज्ञात संरचनाओं में केवल ब्लैक होल ही ऐसी संरचना है जिसका गुर्त्वाकर्षण बहुत ज्यादा होता है इतना कि ये प्रकाश कोभी 360 डिग्री तक मोड़ देता है ! या यूँ कहें कि ये प्रकाश को भी बहार नहीं जाने देता ! Time travel in Hindi

ब्लैक होल के द्वारा समय यात्रा करने से पहले हमारा ये जान लेना जरुरी है कि आखिर गुरुत्वाकर्षण की वजह से समय धीमा क्यों हो जाता है ?

मान लीजिये कि एक बॉक्स है जो जीरो ग्रेविटी में रखा हुआ है ! अब बॉक्स के टॉप से एक लाइट रे निकलती है जो बॉक्स के बॉटम में चलीजाती है ! तो यहां पर प्रकाश को बॉक्स के टॉप से बॉटम तक जाने में कुछ समय लगेगा ! अब मान लीजिये कि बॉक्स ऊपर कि और त्वरणयानी अक्सेलरेट करता हुआ ऊपर बढ़ता है ! अक्सेलरेट करते हुए बॉक्स के टॉप से फिर से एक लाइट रे निकलती है और बॉटम कि औरजाती है इस केस में ध्यान देने वाली बात ये है कि बॉक्स अक्सेलरेट करता हुआ आगे बढ़ रहा है ! इस वजह से लाइट को टॉप से बॉटम की ओरचलने में कम दुरी तय करनी पड़ेगी क्यों कि बॉक्स का बॉटम भी प्रकाश की ओर आगे बढ़ रहा है तो इस वजह से प्रकाश को टॉप से बॉटमतक पहुँचने में कम समय लगेगा ! अब मान लीजिये कि बॉक्स के अक्सेलरेशन को और बड़ा दिया जाए तो इस केस में प्रकाश को टॉप सेबॉटम तक जाने और कम दुरी तय करनी पड़ेगी ! क्योंकि बॉक्स का बॉटम खुद प्रकाश कि और काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है ! इस वजह सेप्रकाश को टॉप से बॉटम तक जाने में पहले से भी कम समय लगेगा ! मतलब जैसे जैसे बॉक्स का त्वरण बढ़ता जाएगा तो उसमे प्रकाश काटॉप से बॉटम तक जाने का समय धीमा होता चला जाएगा ! और मैं आपको बता दूँ कि त्वरण यानी अक्सेलरेशन को ही गुरुत्वाकर्षण कहाजाता है ! जैसे कि पृथ्वी की ग्रेविटी 9.8 मीटर प्रति सेकंड2 है ! या यू कहे कि पृथ्वी का त्वरण 9.8 मीटर प्रति सेकंड2 है !

Black Holes In Hindi | लावारिश ब्लैक होल

मुझे उम्मीद है कि अब आप समझ चुके होंगे कि ग्रेविटी की वजह से समय धीमा क्यों हो जाता है ? मतलब ब्रह्माण्ड में मौजूद सभी खगोलीयपिंडों पर समय वहां पर मौजूद गुरुत्वाकर्षण के हिसाब से चल रहा है ! इसका परीक्षण भी किया जा चूका है ! क्यों कि GPS satellite में लगीघडिया पृथ्वी की तुलना में थोड़ी तेज चलती हैं ! लेकिन समय का यह अंतर एक सेकंड के करोडवे हिस्से जितना कम होता है !

अब चलते हैं ब्लैक होल की ओर कि ब्लैक होल से कैसे समय यात्रा समभाव है ? Time travel in Hindi

ब्रह्माण्ड में अभी तक जितने भी खगोलीय पिंड खोजे गए हैं उनमे ब्लैक होल एक ऐसी संरचना है जिसका घनत्व यानी डेंसिटी बहुत ज्यादा है ! जिसकी वजह से ब्लैक होल की ग्रेविटी बहुत ज्यादा होती है ! ब्लैक होल के अंदर अगर कुछ गिरा तो वो इसके बाहर कभी नहीं निकल सकता! यहां तक कि प्रकाश भी ! ब्लैक होल की ग्रेविटी इतनी तीव्र होती है कि ब्लैक होल के अंदर समय भी रुक जाता है ! मतलब उसके अंदरबदलाव की सभी प्रक्रियाएं बंद हो जाती हैं ! Time travel in Hindi

ब्लैक होल से समय यात्रा दो तरह से की जा सकती है जिनमे पहला तरीका है कि हम ब्लैक होल के पास मौजूद किसी ग्रह पर चले जाएँ ! क्यों
कि उस ग्रह का ब्लैक होल के पास होने की वजह से वहां का समय पृथ्वी की तुलना में आधी रफ्तार से चल रहा होगा ! यानी अगर कोई उसग्रह पर 10 साल तक रहता है तब तक पृथ्वी पर 20 साल गुजर चुके होंगे ! और ब्लैक होल से समय यात्रा करने का दूसरा तरीका है कि हमएक ऐसी स्पेस शिप बनाये जो ब्लैक होल के ऑर्बिट में घूम सके ! यहां पर ध्यान देने वाली एक बात है कि ब्लैक होल की भी एक सुरक्षा सीमाहोती है जिसे point of no return कहते हैं ! मतलब ब्लैक होल के point of no return के बाहर वाले हिस्से में स्पेस शिप को उड़ाया जाएऔर 10 साल तक ब्लैक होल के ऑर्बिट में रहा जाए तो तब तक पृथ्वी पर 20 साल गुजर जाएंगे !और जब वो समय यात्री पृथ्वी पर लौटेंगे तोअपने आपको 10 साल आगे भविष्य में पाएंगे !

लेकिन समय में यह यात्रा एक तरफा होगी ! मतलब एक बार भविष्य में पहुँच गए तो वापस नहीं लौट सकते ! लेकिन ब्लैक होल से समय यात्राकरने के लिए सबसे बड़ी समस्या सामने आती है कि हमारे पास सबसे नजदीक ब्लैक होल ही हमसे 1600 प्रकाश वर्ष दूर मौजूद है ! तो क्यासमय यात्रा कि कल्पना को यहीं अधूरा छोड़ दिया जाए ? मेरा मानना है नहीं ! अभी और भी थ्योरी ऐसी हैं जिनके द्वारा समय यात्रा संभव है !

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